अभी गर ये अक्षर हैं तो शब्द इन्हें तुम बनने दो। अभी गर ये अक्षर हैं तो शब्द इन्हें तुम बनने दो।
कभी ख़्वाहिश था लोगों की अब मर चुका हूँ, उनकी नज़रो में एक योजित मौत उन गुनाहों के लिए, जो मैंने किये ... कभी ख़्वाहिश था लोगों की अब मर चुका हूँ, उनकी नज़रो में एक योजित मौत उन गुनाहों के...
The degrading condition of our languages The degrading condition of our languages
ये हमारी ज़िन्दगी की विडम्बना है कि जो जीना चाहते हैं उन्हें मौत ले जाती है और जो मरना चाहते वे हैं... ये हमारी ज़िन्दगी की विडम्बना है कि जो जीना चाहते हैं उन्हें मौत ले जाती है और ...
प्रकृति को वरदान कहे हरियाली का गुण गान करें। प्रकृति को वरदान कहे हरियाली का गुण गान करें।
बस तुझमें ही तुझमें मैं डूबती जाऊं। बस तुझमें ही तुझमें मैं डूबती जाऊं।